22 फ़रवरी 2016 - 19:33
 इराक़ से तुर्की सैनिकों को बाहर निकालने की सभी प्रयास विफल सभी कोशिशें नाकाम।

संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि उत्तरी इराक़ से तुर्की के सैनिकों को बाहर निकालने की सभी कूटनीतिक कोशिशें नाकाम हो गई हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि उत्तरी इराक़ से तुर्की के सैनिकों को बाहर निकालने की सभी कूटनीतिक कोशिशें नाकाम हो गई हैं।
इराक़ के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि यान कोबीच ने कहा है कि उत्तरी इराक़ के मूसिल शहर के पास अपनी सेना को बाक़ी रखने पर तुर्की सरकार के आग्रह के कारण इस मामले को हल करने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास विफल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में संघ तुर्की के प्रतिनिधि का कहना है कि उत्तरी इराक़ में तुर्क सैनिकों की तैनाती का उद्देश्य अपनी सीमाओं की रक्षा है। दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र संघ में इराक़ के प्रतिनिधि ने कहा है कि इराक़ी सरकार, अपने देश में तुर्क सेना की उपस्थिति की कभी अनुमति नहीं देगी। प्रतिनिधि ने कहा कि बग़दाद का रुख़ स्पष्ट है कि तुर्क सैनिकों को इराक़ से निकलना ही होगा।
ज्ञात रहे है कि तुर्की ने पिछले साल सितम्बर में दाइश के आतंकियों से संघर्ष के बहाने अपने दसियों सैनिकों, टैंकों और बक्तरबंद गाड़ियों को इराक़ के उत्तरी क्षेत्र में तैनात कर दिया था जो अब भी वहीं हैं। इराक़ ने तुर्की के इस अतिक्रमणकारी कार्यवाही का कड़ा विरोध किया है। इराक़ी सरकार, संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद और अरब संघ की ओर से तुर्की के इस क़दम का विरोध और तुर्क सैनिकों के उत्तरी इराक़ से तत्काल बाहर निकल जाने पर आधारित कई बयानों के बावजूद तुर्की ने अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाया है।